इरादतन नही मगर दिल दुखाया तो है
आदतन तुमने ये जख्म छिपाया तो है
दुनिया के लिए लाख बुरा हूँ मै
रोते हुए अक्सर तुझे हंसाया तो है
अदब ने तुझे समझदार बना दिया
ऐब ने हमें भी फन सिखाया तो है
नादान उसकी फकीरी पर तंज न कर
शोहरत को उसने फूंक से उड़ाया तो है
दोपहर से तन्हाई मेरी महक रही है
दुपट्टा अश्कों का कहीं सुखाया तो है
© अजीत
आदतन तुमने ये जख्म छिपाया तो है
दुनिया के लिए लाख बुरा हूँ मै
रोते हुए अक्सर तुझे हंसाया तो है
अदब ने तुझे समझदार बना दिया
ऐब ने हमें भी फन सिखाया तो है
नादान उसकी फकीरी पर तंज न कर
शोहरत को उसने फूंक से उड़ाया तो है
दोपहर से तन्हाई मेरी महक रही है
दुपट्टा अश्कों का कहीं सुखाया तो है
© अजीत
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